2 line dard shayari- status for whatsapp in hindi

0

 

 

 

उसके होंठो पे मेरा नाम…उफ़्फ़….

*जैसे किसी मस्जिद में लिखा हो जय श्री राम… :))





 

प्यार के बदले भले प्यार ना दे…
बस अपने सारे दर्द मेरे नाम कर दे…!!!

 

 

 

 

कौन कहता है मुलाक़ात मिरी आज की है ..
तू मिरी रूह के अंदर है कई सदियों से …… !

 

 

 

 

हो गया वो भी रुकमणी का…

जिसे लोग कहते थे यह तो सिर्फ राधा का हैं
।।

 

 

 

 

आओ कभी हमारे दिल के “डेरे” पर

तुमसे मुहब्बत का “सच्चा सौदा” करना है⁠⁠⁠⁠

 

 

 

 

 

वो भूल गए सनम चलो अच्छा हुआ
किसी एक की राते तो सुकून से गुजरती है

 

 

 

 

मुहब्बत कब लोगों के मिजाज़ पे पलती है
जितने पहरे बिठाओगे…उतनी परवान चढ़ती है⁠⁠⁠⁠

 






उसकी बस एक #ख़ुशी की #ख़ातिर,
मैंने अपने ही #हक़ में #बददुआ कर ली

 

 

 

मैं ज़ख़्म हूँ, जाकर गले लगूँ किस से,
नमक से तर कपड़े, यहाँ पहने हैं सभी ने…

 

 

कुछ प्यार भरे लफ़्ज़ों की तलाश में….,
हम रो पड़े ख़ुद को तसल्ली देते हुए…!

 

 

 

अगर अच्छा लगे तो तारीफ भी कर दिया करो साहेब ….

अल्फाजो को ताकत मिलती है जब कोई उने पसंद करता हैं.:

 

 






कुछ ख्वाइशों का कत्ल करके मुस्कुरा दो

जिंदगी खुद ब खुद बेहतर हो जायेगी

 

 

 

 

अगर अलफाज़ मेरे बस में हों , तो ना जाने क्या लिखूं__

तुझे ही “इब्तदा” लिखूं ,, तुझे ही “इन्तहा” लिखूं__!!

 

 

 

 

 

लोग कहते ज़रूर हैं कि ख़ुश रहो…
पर मजाल है कि रहने दें…!!

 

 

 

 

कल भी हम तेरे थे आज भी हम #तेरे है…
बस फर्क इतना है पहले अपनापन था अब #अकेलापन है !

 

 

 

 

 

मोहब्बत की अदालत से मेरी दर्खास्त कर दो,,
बहुत काट ली सजा, यादों से अब रिहा कर दो..!

 

 

 

 

 

सादगी इतनी भी नहीं है अब बाक़ी मुझमें की,,
तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूँ..!

 

 

 

 

 

मेरे दिल से ज्यादा मतलबी और कौन होगा,,
जो बिना मतलब के भी बस तुम से ही प्यार करता हैं..!

 

 

 

 

 

तुम्हारी मोहब्बत तो रो कर सच्ची हो गई,,
हमारी मोहब्बत तो रो भी नहीं पाई..!

 

 

 

 

 

कभी कभी अकेले रहना ही ठीक होता है..!!!

ताकि कोई आपका दिल न दुखा सके…!!!

 

 

 

 

जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए, यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता

 

 

 

 






 

“ख़ामोश सा माहौल और बेचैन सी करवट है,
ना आँख लग रही है और ना रात कट रही है !!”
#

 

 

 

वक्त की धुंध में छुप जाते हैं ताल्लुक

बहुत दिनों तक किसी की आँख से ओझल ना रहिये ..!!

 

 

तुम्हे गैरो से कब फुरसत,मै अपनों से कब खाली
चलो हो गया मिलना,न तुम खाली न हम खाली…

 

 

 

 

रहेगा ये शिकवा ”तकदीर ” से हमेशा,,,,,,,,
”!!कि जिसको उम्र भर चाहा उसीको उम्र भर तरसे,,,,

 

 

 

इतना भी मै काबिल नही था मेरे रब
:
जितने इम्तिहान तूने ले लिये मेरे……

 

 

 

 

ना जाने क्यों रेत की तरह निकल जाते है हाथो से वो लोग….जिन्हें जिंदगी समझकर हम कभी खोना नही चाहते…..!!

 

 

 

मुझे जहर देने की साज़िश में
वो भी सामिल रहे थे

जिसके आंसू कभी हम
चूम कर पिया करते थे,,

 

 

 

 

तेरी आंखों के आईने में जब-जब देखी अपनी छाया,
खुद को पूरी क़ायनात से भी ज्यादा खूबसूरत पाया।






अभी इस तरफ़ न निगाह कर मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लू न साहब।।

मेरा लफ़्ज़-लफ़्ज़ हो आईना तुझे आईने में उतार लूँ।।।

 

 

कलम भी देखो इश्क कर रही है

अल्फाजों को लेकर जज्बातों पर मर रही है

 

 

यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढिये साहब,

वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।

 

 

हमारे दिल के दफ्तर मे तबादले कहाँ हैं साहब!!!!*

यहा जो एक बार आया बस यही रह गया !!!!!!*