ARCore क्या है Google arcore vs Apple arkit

ARCore क्या है Google arcore vs Apple arkit – Hindi

 हम बात करने वाले हैं ARCore क्या है Google arcore vs Apple arkit मैं क्या अंतर है Arcore  टेक्नोलॉजी का यूज करके अपने आसपास कुछ ऐसी चीजों को भी अपनी वीडियो में ऐड कर सकते हैं जो सिर्फ एक वर्चुअल में या एक 3D मॉडल में होंगी और वीडियो में देखने पर वह बिल्कुल ओरिजिनल के जैसी ही लगेंगी. आज की नई टेक्नोलॉजी ARCore और ARKit  पर आधारित है जिस पर कई बड़ी कंपनियां Research कर रही है उनमें से गूगल और एप्पल कई दिनों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं.

Google अपना लेटेस्ट प्रोजेक्ट ARCor ला चुका है, जिसमें आप एक वर्चुअल दुनिया को अपने आसपास महसूस करेंगे इसमें आप कुछ एक्सटर्नल ऑब्जेक्ट को अपनी वीडियो में इंसर्ट कर सकते हैं जो बिल्कुल 3D मॉडल की तरह होंगे और देखने में बिल्कुल ओरिजिनल दिखाई देंगे पर इसमें कई तरह के सेंसर डिवाइस और हार्डवेयर की जरूरत होगी जैसे microsoft hololens, Google का प्रोजेक्ट टैंगो और कई तरह के हाई क्वालिटी कैमरे की जिसकी मदद से हम ARCore को यूज कर पाते हैं ARCore क्या है Google arcore , Apple arkit यह काफी महंगी टेक्नोलॉजी है जो सिर्फ हॉलीवुड और कार्टून फिल्मों में यूज़ की जाती है.

ARCore क्या है Google arcore vs Apple arkit 1
ARCore hindi

Apple ARKit Coming Soon

एप्पल का ARKit जो मोबाइल की दुनिया में तहलका मचा देगा, Apple ARKit Coming Soon एप्पल ने कहा है की जो भी डिवाइस काम करेंगी IOS 11 के ऊपर वहां पर Augmented reality का सपोर्ट मिलेगा,  यहां पर आपको किसी भी एक्सटर्नल डिवाइस या फिर हार्डवेयर की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Google ARCore Support Android Device

Google भी AR Core पर काफी समय से काम कर रहा था Google ने भी Enable कर दिया है arcore को और बहुत ही जल्द आपके Android Device  में आने वाला है जिसमें आप बिना किसी स्पेशल हार्डवेयर के Google ARCore के काफी सारे फीचर्स उपयोग में ला सकेंगे, फिलहाल यह उपलब्ध है galaxy s8, galaxy s8 Plus  और गूगल पिक्सेल के लिए वह भी सिर्फ development  Basic के लिए ,

आगे चलकर Google का प्लान है कि जितने भी Android डिवाइस हैं उनमें से कम से कम आधे डिवाइसों में Support  पहुंच जाए इस साल तक के आखरी तक ARCore.

Google arcore काम कैसे करता है

Google एयरपोर्ट में तीन चीजों पर फोकस किया गया है-

1. motion tracking     2. light estimation  3. Augmented Reality

मोशन ट्रैकिंग –   उसमें से एक है motion tracking जो लोग वीडियो एडिटिंग after effects या फिर blinder Use करते हैं उन लोगों को पता होता है कि motion tracking क्या होती है अगर आपको नहीं पता तो मैं आपको बता दूं कि कैमरे के सामने जो दिखाई देता है उसमें से कुछ सेंसर की मदद से वह कुछ स्थाई चीजों को ट्रैक करता है जैसे दीवार टेबल और ऐसी कोई भी स्थाई चीज जो एक जगह स्थाई रखी हुई हो उसे यह ट्रैक करके पता लगाता है कि आपके आसपास की कौन सी चीजे स्थाई है. उन्हीं स्थाई चीजों को ट्रैक कर के यह 3D ऑब्जेक्ट को वीडियो के अंदर Insert करता है

यह इतने अच्छे से ऑब्जेक्ट  को Insert करेगा कि आप आसपास घूम कर भी उसे देख सकते हैं और बिल्कुल ओरिजिनल की तरह दिखाई देगा यह 3D मॉडल के जैसे होता है.

light estimation –   इसमें सेंसर आपके कैमरे की पोजीशन को पता लगाते हैं और सर्च करते हैं कि लाइट किस दिशा से कितनी आ रहा है उसी के हिसाब से यह ऑब्जेक्ट को सेट करते हैं उस पर लाइट डालते हैं और उसकी परछाई भी बनाते हैं जिससे वह बिल्कुल रियल के जैसे लगता है यह हमारी वीडियो में इतने घुल मिल जाते हैं कि हम उनमें Difference  नहीं कर पाते हैं कि यह रियल है या फिर वर्चुअल ऑब्जेक्ट है.

Augmented Reality इसमें सॉफ्टवेयर और सेंसर पता लगाते हैं की कौन सी चीज किसी स्थिति में है  वह समतल है या फिर दीवार है खासकर जो समतलचीज समतल और स्थाई होती है जैसे टेबल दीवार फर्श उनके ऊपर वह ऑब्जेक्ट को Insert करता है.

Conclusion,

Google ARCore काफी मिलती जुलती है Apple ARKit se अब आप इन दोनों का मतलब समझ गए होंगे आपको यह आर्टिकल कैसा लगा नीचे कमेंट में जरूर बताएं अगर इस आर्टिकल से संबंधित आपकी कोई जिज्ञासा है तो आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं मेरे द्वारा आपकी कमेंट का जवाब देने का पूरा प्रयास किया जाएगा आपने इतना कीमती समय हमारी वेबसाइट को दिया है इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद .

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