bewafa 2 Line Shayri – best Shayri Hindi

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क़यामत टूट पड़ती है,
ज़रा से होंठ हिलने पर,
जाने क्या हस्र होगा,
जब वो खुलकर मुस्कुरायेंगे ….

 

नतीजा…. एक सा निकला दिमाग और दिल का.. – bewafa 2 Line Shayri – best Shayri Hindi

नतीजा…. एक सा निकला दिमाग और दिल का.

कि…… दोनों हार गए…….. तुम्हारे इश्क़ में…!!

 

 

उन्हें हक़ीक़त-ए-दरिया की क्या खबर ..
जो अपनी रूह की मंजधार से नहीं गुज़रे…!

 

 

ये हादसा तो किसी दिन गुज़रने वाला था
मैं बच भी जाता तो इक रोज़ मरने वाला था
मेरा नसीब मेरे हाथ काट गए वर्ना
मैं तेरी माँग में सिंदूर भरने वाला था

 

मिलोगे हमसे तो #कायल हो जाओगे

दूर से देखने पर हम ज़रा #मगरूर दिखते हैं

- bewafa 2 Line Shayri
– bewafa 2 Line Shayri

 

” प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;- bewafa 2 Line Shayri

” प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया.”

 

चेहरा मत छुपा हम इश्क के बीमार नही है

हम दिल से प्यार करते है जिस्म के खरीदार नही है

 

माना के बहुत कीमती है वक़्त तेरा

हम भी नायाब हैं बार बार नहीं मिलेंगे •••

 

Mere Lafzon Mein Rehne Wale…

Mein Teri Khamoshi Se Mar Raha Hoon

 

Kahin Wo Aa Ke Mita Na De Intezar Ka Luft…
Kahin Qabool Na Ho Jaaye
Ilteja Meri

 

इक बूँद अश्क़ की ,
शीशे पे गिर गई…..!
वो फैलती गई ,
और तेरी तस्वीर बन गई….!!

 

आंखे बंद होने से पहले, यदि आंखे खुल जाए….

दावे के साथ कहता हूँ, पूरी ज़िंदगी सुधर जाए….!!!!

 

 

नजरों में मेरी तुम इस कदर साथ रहते हो…
तुम्हारी हिफाजत के लिए पलकें झुकानी पडती हैं…!!

 

 

कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इँतज़ार का मंजर भी…,
.
जब ठुकराने वाले

मुझे फिर से पाने के लिये आँसु बहायेंगे…!!!

 

- bewafa 2 Line Shayri
– bewafa 2 Line Shayri

शहर जालीमों का है साहब,,जरा संभल कर चलना यहा,,

लोग सीने से लगकर,, दिल निकाल लेते है !!

 

उसने गैरों से जो सुना… उसे सच मान लिया…

अगर मैं सफाई देता तो मेरे इश्क की तौहीन होती

 

सुना है तेरे सामने सब हार जाते हैं, bewafa 2 Line Shayri

सुना है तेरे सामने सब हार जाते हैं,

ऐ इश्क़ तू Election क्यों नहीं लड़ता

 

हजारो महफिले है,
और लाखो मेले है,
पर जहाँ तुम नही,
वहाँ हम अकेले है

 

जब हम ना तो महफिल मे जान कैसी…

हमने बनायी ही है लोगो के दिलो मे पहचान ऐसी..!!

 

तेरे लहजे में लाख मिठास ही सही मगर

मुझे जेहर लगता है तेरा किसी और से बात करना

 

” जो कह दिया वो अल्फ़ाज़ थे, जो कह न सके ……
…….वो जज्बात थे,
जो कहते कहते….. न कह पाये, वो एहसास थे….!!”

 

” ‘ख्वाब’ ‘बोये’ थे… और… ‘अकेलापन’ ‘काटा’ है

इस… ‘मोहब्बत’ में…. “यारो” ……बहुत ‘घाटा’ है

 

कभी धूप दे कभी बदलियां, दिल-ओ-जां से दोनों क़ुबूल हैं

मग़र उस महल में ना क़ैद कर जहां ज़िंदगी की हवा न हो

 

तुझे नाज है…..तु हुस्न है…..तेरे गुलिस्ता की मिशाल क्या…..
मुझे फक्र है मैं इश्क हूँ….तुझे तड़पा न दूं तो कमाल क्या……

 

रास्ते कहा ख़त्म होते है
जिंदगी के सफ़र में …मंजिल
तो वही है ..जहाँ ख्वाहिशे
थम जाये ।।

झूठी बात पे जो वाह वाह करेंगे, – bewafa 2 Line Shayri

झूठी बात पे जो वाह वाह करेंगे,
वही लोग एक दिन आपको तबाह करेंगे !!

 

शहर जालीमों का है साहब,,जरा संभल कर चलना यहा,,

लोग सीने से लगकर,, दिल निकाल लेते है !!

 

गुस्सा भी कितना अक़लमंद है…!

हंमेशा कमज़ोर के सामने ही आता है…!!

 

बे-खबर अंजुमन-ए-नाज़ में सोने वाले,,,,,,

रात भर तुझ को पुकारा मेरी तन्हाई ने…!!

 

जिंदगी गुजार दी हमने पढ़ते पढ़ते.।

और………. सीखा क्या………?????

एक दूसरे को नीचा दिखाना..।।

 

 

रिश्ता ,,,,,
कभी खत्म नहीं होता .
बातों से छूटा ,
तो,,,,,
आँखोंमें रह जाता है,
आँखो से छूटा ,
तो ,,,,,
यादोंमें रह जाता है…

 

 

रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को…

वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता….!!!

 

 

एहसासों की नमी का होना भी ज़रूरी है हर रिश्ते में
रेत सूखी हो तो हाथों से फिसल ही जाती है ..!!!!!

 

 

एक आँसु भी गिरता है,तो लोग हजार सवाल पुछते है.
ऐ बचपन एक बार फिर से लौटकर आजा … आज मुझे खुल के रोना है……

 

तुम क्या हो मेरे !!
!! कुछ हो या कुछ भी नहीं !!
!! मगर. !!
!! मेरी ज़िन्दगी की काश में एक काश तुम भी हो…!!

 

dard bhari Hindi shayri
dard bhari Hindi shayri

‘ना जाने कैसे इम्तेहान ले रही है जिन्दगी आजकल,
मुकद्दर, मोहब्बत और दोस्त तीनो नाराज रहते है !!’

 

 

मन में कुछ भरकर जिएंगे तो…
मन भरकर जी नहीं पाएंगे …!!

 

कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना दोस्तो…..
तजुर्बा है मेरा की मिट्टी की पकड मजबूत होती है…..
संगमरमर पर तो हमने अक्सर पैर फिसलते हुए देखा है…..

 

 

बिन तुम्हारे कभी नहीं आई
क्या मेरी नींद भी तुम्हारी है

 

सब तारीफ कर रहे थे अपने अपने प्यार की,,,- bewafa 2 Line Shayri

सब तारीफ कर रहे थे अपने अपने प्यार की,,,
मैंने नींद का बहाना कर के महफ़िल ही छोड़ दी।

 

 

लगाई तो थी आग उसकी तस्वीर में रात को,
सुबह देखा तो मेरा दिल छालों से भरा पड़ा था.

 

फर्क बहुत है तेरी और मेरी तालीम में…

तूने उस्तादों से सीखा है और मैंने हालातों से…

 

निगाहें नाज करती हैं।
फलक के आशियाने से।
खुदा भी रुठ जाता हैं।
किसी का दिल दुखाने से।