Hindi-Shayari और मैं हमेशा ख़ामोश रहू ये उनकी आरज़ू हैं.

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ये सच्च है कि भूल गए हो तुम मुझे पर कैसे किया ये तुमने…
कोई तरकीब मुझे भी बता दो ताकि मैं भी भुला दूँ तुम्हें…!!!

 

उनके सिले लब मुझे गवारा नहीं…

और मैं हमेशा ख़ामोश रहू ये उनकी आरज़ू हैं….!!

Hindi-Shayari और मैं हमेशा ख़ामोश रहू ये उनकी आरज़ू हैं.

 

जहाँ जाकर कोई वापिस नहीं आता…
व जाने,,
क्यों आज़ वहीं जाने को दिल चाहता है….!!!!

 

 

ज़बाँ तक जो न आए वो मोहब्बत और होती है
फ़साना और होता है, हक़ीक़त और होती है

 

 

हसते तो हम आज भी है पर ;
वो मुस्कान खो बैठे जो तेरी वजह से आती थी!!

 

 

दर्द के हाथ बिक गईं खुशियाँ और हम बेच कर बहुत रोए

जैसे कोई दिया बुझा तो दे किन्तु फिर रात भर नहीं सोए

 

 

 

तमाम जिस्म ही घायल था, घाव ऐसा था

कोई न जान सका रखरखाव ऐसा था

 

Hindi-Shayari और मैं हमेशा ख़ामोश रहू ये उनकी आरज़ू हैं.