Hindi Story कहानी बाज और पेंग्विन की है

अपनी ताकत सही जगह लगाएं

अक्सर लोग के पास बहुत अधिक क्षमताएं तो होती है पर वे उनका उपयोग सही तरीके से नहीं कर पाते हैं, वह अक्सर दूसरों की सफलताओं को देखकर अपने आप को कोसते रहते हैं, अपने जीवन के सारे जरूरी काम को छोड़कर सिर्फ दूसरों की सफलताओं और  उनके सुख Achievement बारे में सोच सोच कर अपने आपको परेशान करते हैं, वे नहीं जानते हैं कि उनके पास भी ईश्वर के द्वारा दी गई वह सारी सुविधाएं मौजूद हैं जो उस सफल व्यक्ति के पास हैं, दूसरों की सफलताओं को गिनकर और अपनी असफलताओं के बारे में सोच-सोच कर वह अपना कीमती वक्त बर्बाद कर देते है,

ऐसी एक कहानी बाज और पेंग्विन की है

बाज एक आसमान में ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी होता है और पेंग्विन समुद्र के नीचे तैरने वाला जीव होता है जिसका स्वरूप एक पक्षी के जैसे मिलता-जुलता है.

समुद्र के किनारे खड़े एक पेंग्विन ने जब आसमान की तरफ देखा तो उसे एक बाज दिखाई दिया बाज को ऊंचा उड़ते देख पेंग्विन सोचने लगा.

“बाज भी कितना प्यारा पक्षी है”…. कितने साल से खुले आसमान के ऊपर उड़ रहा है… और एक मैं हूं जो इस समुद्र के किनारे पर ही पड़ा रहता हूं, मेरे पास पंख तो है पर मैं उड़ नहीं सकता,



ऐसा सोच कर वह मायूस हो गया,,

ठीक इसी समय बाज ने पेंग्विन को नीचे समुद्र में तैरते हुए देखा…. और उसके मन में ख्याल आया कि यह पेंग्विन भी क्या कमाल का जीव है, जो किनारे पर रहता है जमीन पर घूमता है और समुद्र की गहराइयों में भी गोते लगाता है, और अपनी मनपसंद मछलियों का शिकार करता है,

और मैं यहां तेज धूप में,  बारिश में, ठंडी में इधर से उधर उड़ता रहता हूं,,,  यह सब सोचकर बाज भी उदास सा हो गया,

इसके बाद की कहानी

बाज आकाश की ऊंचाइयों में खो गया और पेंग्विन समुद्र की गहराइयों में गोते लगाने लगा… दोनों अपने मन में आए इस नकारात्मक विचार को भूल गए और बिना समय गवाएं भगवान की दी हुई उस ताकत को शक्ति का प्रयोग करने लगे जिसके साथ वह पैदा हुए थे, जो ईश्वर ने उन्हें अनमोल निशुल्क शक्ति दी थी,

अगर वही पेंग्विन और बाज.. पक्षी ना होकर एक इंसान होते तो..

हम इंसानों की सबसे बड़ी कमी यह है कि हम एक ही बात को लेकर बार-बार सोचते रहते हैं, और अपना जो जरूरी काम है उसे हम भूल जाते हैं,

Hindi Story कहानी बाज और पेंग्विन की है

तो इंसानों की सोच कुछ इस प्रकार होती..

“बाज यही सोच कर अपना समय बर्बाद करता रहता की वह पानी के अंदर तैर नहीं सकता”..? और पेंग्विन हर समय यही सोचता रहता कि काश वह भी आकाश में दूर तक उड़ सकता.. इसी चक्कर में वह दोनों ही अपनी क्षमताओं  को भूल कर सही ढंग से अपनी शक्ति का उपयोग नहीं कर पाते…

काश हम इंसानों में भी पक्षियों के जितनी सीख और समझदारी होती तो आज हम एक दूसरे से घृणा करने की अपेक्षा अपने कार्य को सही ढंग से करने की कोशिश करते,

क्योंकि ईश्वर ने हर किसी को किसी न किसी रूप में एक प्रधान गुण दिया है. सभी की अपनी अपनी अलग-अलग क्षमताएं  दी हैं, और इन्ही क्षमताओं के साथ ईश्वर ने हमें धरती पर भेजा है?

हर इंसान किसी दूसरे से किसी न किसी रूप में बेहतर होता है

बहुत से लोग का ध्यान अपने कार्य करने की बजाय दूसरों की सफलताओं पर लगतें है जिसे देखकर वह जलते हैं और अपनी एनर्जी गलत जगह खर्च करते हैं,

ईश्वर ने हमें किस काम के लिए भेजा है इस सब को हम लोग भूल चुके हैं दूसरों से जलने के बजाय अगर हम अपने अंदर की क्षमताओं को निखारें कि जिनके साथ ईश्वर ने आपको भेजा है.!

आप अभी भी नहीं कर पाए हैं तो उसे अभी कीजिए उस ईश्वर के द्वारा हमें दी गई क्षमताओं को समझें अपनी ताकत को पहचानिए और उसे अपनी मेहनत और ईमानदारी से उपयोग कीजिए. जिससें औरों की नजरों में आप एक सफल व्यक्ति (Achiever) बन पाए.

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