Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

0

अच्छा बहाना आपका हो जाएगा
दिल लगाना आपका हो जाएगा

किसी को अपना बनाकर देख लो
सारा जमाना आपका हो जाएगा

आँखों से पैमाना पीकर देख लो
सारा मयख़ाना आपका हो जाएगा

दिल किसी पर तुम लुटाकर देख लो
दिल का खजाना आपका हो जाएगा

दिल चीज क्या है जान भी रख लो
ये पागल दीवाना आपका हो जाएगा,,

======== jigyasaa.com ========

Jamane Ke Gam Bhul Jaoge yaro,  Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

⁠⁠⁠⁠⁠जमाने के ग़म भूल जाओगे यारों,
कभी दिल किसी से,लगा करके देखो..!!

बहुत खूबसूरत है सूरत सनम की,
तो दिल मे वो मूरत,सजा करके देखो..!!

मोहब्बत खुदा की इबादत है यारों,
ये सर उसके द़र पे,झुका करके देखो..!!

नज़र आयेगी तुमको सूरत खुदा की,
झुकी अपनी पलकें,उठा करके देखो..!!

कदमबोसी करते फरिश्ते भी जिनके,
कभी उनके नज़दीक,जा करके देखो..!!

मुकद्दस कदम तेरे उस हम सफर के,
अपने घर को जन्नत,बना करके देखो..!!

बदल जायेगी ये तेरी दुनियाँ,
जरा दिल में उनको, बसा करके देखो..!!

======== jigyasaa.com ========

Rat Or Din Ka Fasla Hu Me,  Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

रात और दिन का फ़ासला हूँ मैं
ख़ुद से कब से नहीं मिला हूँ मैं

ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में पर
लोग कहते हैं क़ाफ़िला हूँ मैं

ऐ मोहब्बत तिरी अदालत में
एक शिकवा हूँ एक गिला हूँ मैं

मिलते रहिए कि मिलते रहने से
मिलते रहने का सिलसिला हूँ मैं

फूल हूँ ज़िंदगी के गुलशन का
मौत की डाल पर खिला हूँ मैं

======== jigyasaa.com ========

Beet Jati Hai Yu Umar Tanha Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

Pyar Bhari Shayari - Dil Ki baat Shayri Ke Sath
Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

बीत जाती है यूं उमर तन्हां
कटता नहीं क्यूँ सफर तन्हां

जिंदगी और अभी बाकी है
अब होता नहीं गुजर तन्हां

अब जाकर ये महसूस हुआ
कटी जिंदगी किस क़दर तन्हां

जिंदगी कट गई तन्हाई में
अब लगता नहीं है डर तन्हां

है जमीं और ये शजर तन्हां
अब तो हो गया है घर तन्हा

खाली पड़ी हैं बस्तियां क्यूँ
क्या हो गया ये शहर तन्हां

======== jigyasaa.com ========

Jab Lage Jakhm To Katil Ko Dua Di Jaye- Pyar Bhari Shayari – Dil Ki baat Shayri Ke Sath

जब लगे ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाये
है यही रस्म तो ये रस्म उठा दी जाये

तिश्नगी कुछ तो बुझे तिश्नालब-ए-ग़म की
इक नदी दर्द के शहरों में बहा दी जाये

दिल का वो हाल हुआ ऐ ग़म-ए-दौराँ के तले
जैसे इक लाश चट्टानों में दबा दी जाये

हम ने इंसानों के दुख दर्द का हल ढूँढ लिया
क्या बुरा है जो ये अफ़वाह उड़ा दी जाये

======== jigyasaa.com ========

Ham Ko Gujri Hui Sadiya To N Phachanegi –

हम को गुज़री हुई सदियाँ तो न पहचानेंगी
आने वाले किसी लम्हे को सदा दी जाये

फूल बन जाती हैं दहके हुए शोलों की लवें
शर्त ये है के उन्हें ख़ूब हवा दी जाये

कम नहीं नशे में जाड़े की गुलाबी रातें
और अगर तेरी जवानी भी मिला दी जाये

हम से पूछो ग़ज़ल क्या है ग़ज़ल का फ़न क्या है
चन्द लफ़्ज़ों में कोई आह छुपा दी जाये