(Vladimir Lenin)  लेनिन की कहानी

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व्लादिमीर लेनिन (Vladimir Lenin

त्रिपुरा मैं ब्लादीमिर लेनिन की मूर्ति को गिराया गया है जो रूसी क्रांति के नायक के रूप में जाने जाते हैं। वामपंथी दल व्लादिमीर लेनिन के सिद्धांत को सर्वोपरि मानते हैं और उन्हीं के बताए गए सिद्धांत के आधार पर वामपंथ को चला रहे हैं।

ब्लादीमिर लेनिन का जन्म

लेनिन  का जन्म सिंविर्स्क नामक स्थान में हुआ था और इनका वास्तविक नाम “उल्यानोव” था। इनके पिता विद्यालय निरीक्षक थे ग्रेजुएट होने के बाद लेनिन ने 1887 में कजान विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एडमिशन लिया। लेनिन शुरू से ही क्रांतिकारी विचारधारा के थे। अपने साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ क्रांतिकारी प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण उन्हें विश्वविद्यालय से निकाल दिया गया।

1889 में बह समारा चले गए जहां स्थानीय मार्क्सवादियों को मिलाकर उन्हें समझा-बुझाकर एक संगठन बनाया। जल्दी वह वहां के मार्क्सवादियों के लोकप्रिय नेता बन कर उभरे। फिर वकालत शुरु की और मार्क्सवादियों के नेता बने अपनी क्रांति के दौरान उन्हें जेल में भी जाना पड़ा। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी जिसमें से एक सबसे पॉपुलर थी “रूस में पूँजीवाद का विकास”।

1893 से लेनिन ने रूस की साम्यवादी विचारधारा फैलाना शुरू किया इस दौरान उन्हें कई बार बंदी गृह में भी डाला गया तथा निर्वासित किया गया। 

1905 की क्रांति के उनके प्रयास असफल रहे किंतु 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई और सफल हुए। उन्होंने मौजूदा सरकार को पलट दी और 7 नवंबर 1917 को लेनिन की अध्यक्षता में सोवियत सरकार की स्थापना हुई।

मार्क्सवाद विचारक लेनिन के नेतृत्व में 1917 में रूस की क्रांति हुई कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक पार्टी) के संस्थापक Lenin के मार्क्सवादी विचारों को खुद उनके नाम से यानि “लेनिनवाद” के नाम से भी जाना जाने लगा।

किसी घटना के कारण लेनिन पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गए रूस के भाग्यविधाता बनने के बाद लेनिन अपने देश को विकसित करने का प्रयत्न करने लगे कड़े कानून तथा अनुशासन के साथ देश पर बहुत अच्छे से नियंत्रण रखा। समय के साथ साथ लेनिन विश्व इतिहास के कर्णधारों में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखवा दिया आज भी वह करोड़ों लोगों के चाहते माने जाते हैं उनके प्रयत्नों से ही रूस में समाजवाद का उदय हुआ कार्ल मार्क्स के सपनों को साकार करने का श्रेय भी लेनिन को ही जाता है।

 

उनकी मृत्यु 21 जनवरी 1924 को हुई नई सरकार आने के बाद उन्होंने लेलिन के सिद्धांतों का आदर्शों को नकार दिया पर उनके प्रयत्नों की छाप इस कदर विश्व में फैली कि अनेक देशों में लेनिन के प्रशंसकों को और उनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है। उनकी मृत्यु के बाद उनके शरीर को मास्को के रेड स्क्वायर में रखा व्लादिमीर लेनिन का पार्थिव शरीर आज भी विश्व भर के पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र है।

 

नवम्बर 1917 – 21 जनवरी 1924

पूर्वा धारीPosition tablished
उत्तरा धारीAlexei Ryv
जन्म्रैल870

Simbirsk, Russian Empire

मृत्यु जनवरी 24 (उम्र 53)

Gorki, Russian SFSR, Soviet Union

समाधि स्Lenin’s Msoleum, Moscow, Russian Federation
राष्ट्रीारूसी साम्ज्य
राजनीतिकल
  • Russian cial Democratic Labour Party (Bolsheviks) साँचा:Font
  • Russian Communist Partyसाँचा:Font
Other potical

affiliations

League oftruggle for the Emancipation of the Working Class साँचा:Font
जीवन संगNadezhda Kpskaya(वि॰ 1898–1924)
संबंध
  • Aksandrlyanov साँचा:Font
  • Anna Ulyanova साँचा:Font
  • Dmitry Ilyich Ulyanov साँचा:Font
  • Maria Ilyinichna Ulyanovaसाँचा:Font and three other siblings
शैक्षिक सबद्धताSaint Peteburg Imperial University

Credit- wikipedia

(Vladimir Lenin)